मिसल पाव रेसिपी | Misal Pav Recipe - How to Make Spicy Maharashtrian Misal Pav at Home

मिसल पाव रेसिपी | Misal Pav Recipe - How to Make Spicy Maharashtrian Misal Pav at Home

महाराष्ट्र में मिसल पाव बहुत लोकप्रिय है। अंकुरित मटकी से बना हुआ यह तीखी और चटपटी करी है। फरसाण, धनिया, कटा हुआ प्याज और नींबू का रस इसके ऊपर डाला जाता है। 

ताजे मक्खन लगे पाव इसे परोसते हैं। मिसल पाव को स्नैक, नाश्ते या दोपहर के भोजन के रूप में खाया जा सकता है।


मिसल पाव बनाने की विधि:

सामग्री:

मटकी (अंकुरित दाल) के लिए:


मटकी (अंकुरित मटकी): 1 कप

पानी: आवश्यकता अनुसार

हल्दी पाउडर: 1/2 चम्मच

नमक: स्वादानुसार


तरी (करी) के लिए:


तेल: 2-3 चम्मच

राई: 1/2 चम्मच

जीरा: 1/2 चम्मच

करी पत्ता: 8-10 पत्ते

प्याज (बारीक कटा): 1

टमाटर (बारीक कटे): 2

लहसुन-अदरक का पेस्ट: 1 चम्मच

लाल मिर्च पाउडर: 1 चम्मच

धनिया पाउडर: 1 चम्मच

गरम मसाला: 1/2 चम्मच

कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर: 1 चम्मच (रंग के लिए)

इमली का पेस्ट: 1 चम्मच

पानी: 2 कप


गार्निश के लिए:


फरसाण: 1 कप

प्याज (बारीक कटा): 1/2 कप

धनिया पत्ती (कटी हुई): 1/4 कप

नींबू: 1 टुकड़ा


सर्व करने के लिए:


पाव (ताजा): 6-8

मक्खन: 2-3 चम्मच


विधि:


1. मटकी तैयार करना:


अंकुरित मटकी को पानी और हल्दी के साथ कुकर में डालें।

2-3 सीटी आने तक पकाएं।

पकी हुई मटकी को अलग रखें।


2. तरी (करी) बनाना:


तेल कढ़ाई में गरम करें। 

राई, जीरा और करी पत्तों को उसमें डालें। 

सुनहरा भूरा होने तक भूनें। 

लहसुन और अदरक का पेस्ट डालें और खुशबू आने तक पकाएं। 

टमाटरों को मिलाकर नरम होने तक भूनें। 

लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और गरम मसाला सब मिलाकर मिलाएं। 

जब मसाले भुन जाएं, इमली का पेस्ट डालें। 

पकाने वाली मटकी में पानी डालें। 

तरी को दस से पंद्रह मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें।


3. पाव तैयार करना:


तवे पर मक्खन लगाकर पाव को दोनों तरफ से हल्का सेंकें।


4. सर्व करना:


एक कटोरे में तरी डालें। इसके ऊपर फरसाण, प्याज, धनिया और नींबू का रस डालें।

इसे मक्खन लगे पाव के साथ परोसें।


टिप्स:


1. तरी को तीखा बनाने के लिए कोल्हापुरी मिसल मसाला का उपयोग करें। 

2. इमली का पेस्ट और कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर मिसल का स्वाद और रंग बढ़ाते हैं। 

3. पाव ताजा और नरम होना चाहिए।


महत्व:


मिसल पाव न केवल एक स्वादिष्ट व्यंजन है, बल्कि यह महाराष्ट्र की जीवंत स्ट्री

ट फूड संस्कृति का प्रतीक भी है। यह हर उम्र के लोगों को पसंद आता है और सुबह से लेकर शाम तक कभी भी खाया जा सकता है।

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